'छेस्का' प्रयास 3# 5:26 PM अनायासै मनमा बस्यौ पिँढी होईन भित्रै पस्यौ पिडै पिडामा बाँचिरहेथें आँशु पुछी मुटु डस्यौ Labels: chheska, गजल, छेस्का, साहित्य, साहित्य संसार
'छेस्का' प्रयास 3# 5:26 PM अनायासै मनमा बस्यौ पिँढी होईन भित्रै पस्यौ पिडै पिडामा बाँचिरहेथें आँशु पुछी मुटु डस्यौ Labels: chheska, गजल, छेस्का, साहित्य, साहित्य संसार
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